Tuesday, March 13, 2007

हाइकु

सुरा-सुन्दरी
रंगिन रातहरु
प्यासी यौवन

नशालु आँखा
सुमधुर संगीत
बैंशको हुरी

कोमल स्पर्श
मदिराको सागर
अतृप्त प्यास ।
-nilima

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